Happy Diwali 2019 - The Festival of Lights

Diwali or Deepawali also referred as festival of lights celebrates victory of good over evil all over the world by Hindus, Jains and Sikhs. It is a time for thoroughly anuual-cleaning the home, wearing new clothes, gift friends, decorate the house amd enjot with fireworks in the night. Lakshmi puja is essential ceremony on Diwali. Newly installed statues of Lord Ganesha and Shri Lakshmi are worshipped. This book consists of Diwali Puja, Mahalakshmi Pujan, Lakshmi Sookt, Deepawali Katha, Lakshmi Chalisa, Lakshmi Aarti, Dhanteras significance, Bhai Dooj importance.


Laxmi Ganesha Saraswati Diwali Pooja - Ganesha Mantra

God Vishnu Pooja - Deepawali

आसन को पवित्र कर

ऊँ अपवित्रः पवित्रो वा सर्वावस्थां गतोपि वा। यः स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं सः वाह्याभंतरः शुचिः।।

आसन पर विराजमान हों

पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग ऋषिः सुतलं छन्दः कूर्मोदेवता आसने विनियोगः।।

अब आचमन करें

ॐ केशवाय नमः
ॐ नारायणाय नमः
ॐ माधवाय नमः
ध्यान व संकल्प विधि

सबसे पहले भगवान गणेशजी का पूजन कीजिए।
गजाननं भूतगणादि सेवितं कपित्थ जम्बूफल चारु भक्षण्म्।
उमासुत शोकविनाशकं, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्।।

अब सभी देवी-देवताओं के तिलक लगाकर स्वयं को भी तिलक लगवाएं।
इसके बाद मां महालक्ष्मी का पूजन कीजिए।
निम्नलिखित मन्त्र के साथ कुबेरजी महाराज का आवाहन करें।
आवाहयामि देव त्वामिहायामि कृपां कुरु ।
कोशं वर्द्धय नित्यं त्वं परिरक्ष सुरेश्वर ॥

पाद्यं समर्पयामि, अघ्र्य समर्पयामि, आचमनं समर्पयामि, पंचामृत स्नानं समर्पयामि, वस्त्रं समर्पयामि, पुश्प्मालाय्म समर्पयामि,धूपं दीपं द्रश्यमी,नवैध्येम निवेदयामि, ऋतुफलं समर्पयामि, दक्षिणाम समर्पयामि आदि मंत्र से देवी-देवताओं का पूजन करें और फिर उनको नमस्कार करें |
पहले गणेशजी की आरती करें |
फिर माँ लक्ष्मी की आरती करें |
फिर विष्णु जी की आरती करें |

महा मृत्युंजय मंत्र जप लें।
गायत्री मंत्र जप लें।
अतं में क्षमा-प्रार्थना करें|

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं जनार्दन ।
यत्पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे ।।


Laxmi Ganesha Saraswati Diwali Pooja

Laxmi Ganesha Saraswati Diwali Pooja


Hindu Puja Book - Diwali Pooja Vidhi

Mahalaxmi Pooja and Mantra

श्री यंत्र देवी लक्ष्मी का यन्त्र होता है। श्रीयंत्र लक्ष्मी जी को खुश करने के लिए रखते हैं।

यह कष्टनाशक होने के कारण यह सिद्धिदायक और सौभाग्यदायक माना जाता है।

इसे यंत्र राज भी कहा गया है। इस यंत्र में ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विकास का दर्शन होता है। यह यंत्र व्यापारिक समस्या, आर्थिक उन्नति भौतिक सुख के लिए अचूक उपाय है।

दीपों से सजी इस रात में लक्ष्मीजी भ्रमण के लिए निकलती हैं और अपने भक्तों को खुशियां बांटती हैं।

एक पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार लक्ष्मी मां नाराज होकर बैकुंठ चली गईं। उनके बिना धरती पर त्राहि-त्राहि मच गई। तब देवगुरु बृहस्पति ने लक्ष्मीजी को आकर्षित करने के लिए 'श्रीयंत्र' स्थापना और पूजन का उपाय सुझाया। फिर मां लक्ष्मी को धरती पर आने के लिए विवश होना पड़ा।

श्रीयंत्र का पूजन करने से घर में सुख समृद्धि और धन वैभव आता है

The Sri Yantra, a form of mystical diagram, is a 12,000 year old symbol and is considered the mother of all Yantras. "Sri Yantra" means The Instrument for Wealth - Sri (Shree) meaning wealth and Yantra - Meaning "Instrument".

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Laxmi Ganesha Diwali Pooja - Shree Yantra



Laxmi Aarti : Om Jai Laxmi Mata : Diwali Pooja

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता ।
तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत ।
हर विष्णु विधाता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ...

उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता ।
ओ मैया तुम ही जग माता ।
सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

दुर्गा रूप निरन्जनि, सुख सम्पति दाता ।
ओ मैया सुख सम्पति दाता ।
जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

तुम पाताल निवासिनि, तुम ही शुभ दाता ।
ओ मैया तुम ही शुभ दाता ।
कर्म प्रभाव प्रकाशिनि, भव निधि की दाता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

जिस घर तुम रहती तहँ सब सद्गुण आता ।
ओ मैया सब सद्गुण आता ।
सब संभव हो जाता, मन नहीं घबराता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता ।
ओ मैया वस्त्र न कोई पाता ।
ख़ान पान का वैभव, सब तुम से आता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

शुभ गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोदधि जाता ।
ओ मैया क्षीरोदधि जाता ।
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..

महा लक्ष्मीजी की आरती, जो कोई जन गाता ।
ओ मैया जो कोई जन गाता ।
उर आनंद समाता, पाप उतर जाता ।।
ॐ जय लक्ष्मी माता ..


Laxmi Ganesha Saraswati Diwali Pooja

Taraju Tula Mantra - Diwali Pooja

India is a land of great diversity. It described as a land of many Devotionals and innumerable languages, it might well be described as a land of festivals as well. Indians love celebrating every little occasion from the harvesting of crops, welcoming the spring or rain, to seeing the full moon lends itself to joyous celebrations splashed with colors, music, folk dances and songs. Even the birthdays of divine beings are celebrated by connecting them with particular festivals. Here's a list of common religious and national festivals celebrated all over India. .

Vishnu Aarti : Om Jai Jagdish Hare

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे ।
भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का ।
स्वामी दुःख विनसे मन का ।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी ।
स्वामी शरण गहूँ मैं किसकी ।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ जिसकी ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी ।
स्वामी तुम अन्तर्यामी ।
पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता ।
स्वामी तुम पालन-कर्ता ।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति ।
स्वामी सबके प्राणपति ।
किस विधि मिलूँ दयामय, तुमको मैं कुमति ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे ।
स्वामी तुम ठाकुर मेरे ।
अपने हाथ उठा‌ओ, द्वार पड़ा तेरे ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
विषय-विकार मिटा‌ओ, पाप हरो देवा ।
स्वमी पाप हरो देवा ।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ा‌ओ, सन्तन की सेवा ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।
श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे ।
स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे ॥
ॐ जय जगदीश हरे ।

Diwali or Deepawali also referred as festival of lights celebrates victory of good over evil all over the world by Hindus, Jains and Sikhs. It is a time for thoroughly anuual-cleaning the home, wearing new clothes, gift friends, decorate the house amd enjot with fireworks in the night.

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